बुधवार, 31 जनवरी 2024

पटरियाँ


साथ-साथ चलती हैं पर मिलती कहाँ है...

रेल गाड़ी की पटरियाँ...

बहुत दूर मिलती हुई दिखती हैं...

वहाँ पहुँचता हूँ उनका मिलन देखने...

फिर से छिटक जाती हैं...

तुम्हारी तरह...

- प्रदीप शर्मा

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